Monday, March 21, 2011

सावधान, पिज्जा में है गोमांस!

रोहतक। आपका लाडला पिज्जा खाने का शौकीन है और गम्मी पिज्जा खाने की जिद कर रहा है तो जरा संभलकर इसका चयन करें, क्योंकि इसमें गोमांस की परत होती है। पैकेट पर इस बारे में साफ-साफ लिखा है।



इतना ही नहीं जिस पैकेट में यह खाद्य सामग्री है, उस पर उत्पाद के वेज या नानवेज होने की पुष्टि करने वाला लोगो तकनहीं है।



इन दिनों बच्चे जाने-अनजाने गोमांस का सेवन कर रहे हैं। यह गोमांस उन्हें पिज्जा के गम्मी पैक के जरिए दिया जा रहा है। 15 ग्राम के छोटे से रंग-बिरंगे पैकेट में बंद यह पिज्जा हर गली व चौराहे पर बनी दुकानों पर धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। इस पैकेट में पांच स्लाइस होते हैं। जिनमें एक-एक परत गोमांस की लगी होती है। इस बारे में कंपनी ने अपने उत्पाद पर स्पष्ट शब्दों में लिखा है। उत्पाद को

तैयार करने के लिए प्रयोग की गई सामग्री में इसका उल्लेख है। रैपर पर अंग्रेजी में 'बीफ जिलेटिन' शब्द भी लिखा हुआ है। इसका अर्थ है, गोमांस की परत। यह संदेश बेहद महीन शब्दों में छपा है। चूंकि ज्यादातर बच्चे न तो अंग्रेजी जानते हैं और न ही खाने-पीने की चीजों में सावधानी बरतते हैं। ऐसे में बच्चे अनजाने में ही गोमांस का सेवन कर रहे हैं। इसकी बिक्री से कंपनी चांदी कूट रही है।



इस बारे में कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि पिज्जा के बहाने लोगों को सरेआम गोमांस परोसा जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस बारे में उचित कार्रवाई करने की मांग की है।



पीजीआई के एक चिकित्सक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बीफ जिलेटिन शब्द भी इस उत्पाद की निर्माण सामग्री में शामिल है। संदेश के अनुसार गोमांस की परत पिज्जा में प्रयोग होती है।



शहर में यह पिज्जा अनेक स्थानों पर धड़ल्ले से बिक रहा है। शहर के प्रताप चौक, डी-पार्क, माल गोदाम रोड, किला रोड, गोहाना अड्डा मार्केट, स्कूलों की कैंटीन के अलावा बेकरियों व किरयाणा स्टोर पर दस रुपये प्रति पीस बेचा जा रहा है। थोक विक्रेता इसे सात रुपये में बेच रहे हैं।





इंडोनेशिया की है कंपनी



पिज्जा बनाने में गोमांस का प्रयोग करने वाली यह कंपनी इंडोनेशिया की है। पैकेट पर उत्पाद को तैयार करने में प्रयोग करने वाली दर्जनभर सामग्री के नाम छपे होते हैं।


[साभार: दैनिक जागरण]

Monday, January 24, 2011

एक मिनट में बताएगा टेस्ट कि क्या आइवीएफ से मिलेगा संतान सुख


लंदन। इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आइवीएफ) तकनीक के जरिए संतान सुख प्राप्त होगा या नहीं, यह सुनिश्चित करना और आसान हो गया है। ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने ऐसा टेस्ट ईजाद किया है जो किसी दंपती से किए सवालों के जवाब का विश्लेषण कर मात्र एक मिनट में बता देगा कि वे इस तकनीक के जरिए बच्चा हासिल कर सकते हैं या नहीं।

ग्लासगो और ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने यह टेस्ट विकसित किया है। यह ऑन लाइन टेस्ट है जो 99 प्रतिशत तक सटीक परिणाम देता है। इस टेस्ट के जरिए दंपती ये जान सकेंगे कि उन्हें इस तकनीक का इस्तेमाल करना चाहिए या नहीं।

इसे एक ऑनलाइन कैलकुलेटर 'आइवीएफप्रीडिक्ट डॉट कॉमके रूप में तैयार किया गया है। इसमें दंपतियों से नौ सवाल पूछे जाएंगे। इन सवालों के उत्तर पर निर्भर करेगा कि क्या वे आइवीएफ तकनीक से बच्चा पाने में समर्थ हैं? जल्द इस टेस्ट को इंटरनेट से डाउनलोड किया जा सकेगा।

मोबाइल फोन एप्लीकेशन में भी यह प्रोग्राम दिख सकता है। वैज्ञानिकों ने यह टेस्ट तैयार करने के लिए आइवीएफ के करीब एक लाख 44 हजार मामलों का बारीकी से अध्ययन किया है।

ब्रिटिश अखबार, 'द डेली टेलीग्राफने यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो के वैज्ञानिक स्कॉट नेल्सन के हवाले से बताया, 'यह महत्वपूर्ण टेस्ट आइवीएफ के बारे में सोच रहे कई दंपतियों के लिए काफी मददगार है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी तक आइवीएफ की सफलता का सटीक अनुमान लगाना मुश्किल था। मगर इस तकनीक से यह आसान हो गया है। इस टेस्ट में महिला की उम्र, शादी के साल, प्रजनन क्षमता में कमी की वजह जैसे सवाल पूछे जाएंगे। महिला को यह भी बताना होगा कि पहले कभी वह गर्भवती हुई थी या नहीं।

Saturday, January 1, 2011

पत्रकारों के वेतन में म्भ् फीसदी वृद्धि की सिफारिश

नई दिल्ली। पत्रकारों और गैर पत्रकारों के लिए गठित मजीठिया वेज बोर्ड ने अखबारी और एजेंसी कर्मियों के लिए 65 प्रतिशत तक वेतन वृद्धि की सिफारिश की है तथा साथ में मूल वेतन का 40 प्रतिशत तक आवास भत्ता और 20 प्रतिशत तक परिवहन भत्ता देने का सुझाव दिया है।

न्यायमूर्ति जी आर मजीठिया के नेतृत्व वाले वेतन बोर्ड ने शुक्रवार को यह भी सिफारिश की कि नए वेतनमान जनवरी 2008 से लागू किए जाएं। बोर्ड ने पहले ही मूल वेतन का 30 प्रतिशत अंतरिम राहत राशि के रूप में देने का ऐलान कर दिया था। मजीठिया ने केंद्रीय श्रम सचिव पी के चतुर्वेदी को रिपोर्ट सौंपी। चतुर्वेदी ने आश्वासन दिया कि सरकार इस रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद इसे जल्द से जल्द लागू कराने का प्रयास करेगी। बोर्ड ने 35 प्रतिशत वैरिएबल पे देने की सिफारिश की है। समाचार पत्र उद्योग के इतिहास में किसी वेतन बोर्ड ने इस तरह की सिफारिश पहली बार की है।

मजीठिया वेतन बोर्ड ने पत्रकारों और अन्य अखबारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु बढ़ाकर 65 साल करने, महंगाई भत्ते के मूल वेतन में शत प्रतिशत न्यूट्रलाइजेशन और विवादों के निपटारे के लिए स्थायी न्यायाधिकरण बनाने की सिफारिश की है। न्यायमूर्ति मजीठिया ने संवाददाताओं से कहा कि इस बार की रिपोर्ट में सबसे निचले ग्रेड के लिए भी अच्छे वेतन की सिफारिश की गई है। उन्होंने कहा कि नए फार्मूले के अनुसार पत्रकार और गैर पत्रकार कर्मचारियों का मूल वेतन उसके वर्तमान मूल वेतन और डीए में, 30 प्रतिशत अंतरिम राहत राशि और 35 प्रतिशत वैरिएबल पे को जोडकर तय किया गया है। महंगाई भत्ता मूल वेतन में शत प्रतिशत 'न्यूट्रलाइजेशन' के साथ जुड़ेगा। ऐसा अब तक केवल सरकारी कर्मचारियों के मामले में होता आया है।

वेतन बोर्ड ने 60 करोड़ रुपये या इससे अधिक के सकल राजस्व वाली समाचार एजेंसियों को शीर्ष श्रेणी वाले समाचार पत्रों के साथ रखा है। इस प्रकार समाचार एजेंसी पीटीआई शीर्ष श्रेणी में जबकि यूएनआई दूसरी श्रेणी में रखी गई है। मजीठिया बोर्ड की सिफारिशों के अनुसार आवास भत्ता एक्स श्रेणी के शहरों के लिए मूल वेतन का 40 प्रतिशत होगा, जो दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलूर, हैदराबाद, चंडीगढ़, अहमदाबाद, कानपुर, लखनऊ और नागपुर पर लागू होगा। वाई श्रेणी के शहरों के लिए यह मूल वेतन का 30 प्रतिशत होगा। वाई श्रेणी के शहरों में आगरा, अजमेर, अलीगढ़, इलाहाबाद, अमृतसर, बरेली, बीकानेर, भोपाल, भुवनेश्वर, कोयंबटूर, दुर्गापुर, गुवाहाटी, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जालंधर, जमशेदपुर, कोच्चि, कोटा, मदुरै, मेरठ, पटना, पुणे, रायपुर, राजकोट, रांची, श्रीनगर, सूरत, तिरूवनंतपुरम, बड़ोदरा, वाराणसी, विशाखापट्टनम, मंगलौर, पुडुचेरी, धनबाद, देहरादून, जम्मू, जामनगर आदि शामिल हैं। शेष अन्य शहरों को जेड श्रेणी में रखा गया है, जहां के कर्मचारियों को एचआरए मूल वेतन का 20 प्रतिशत मिलेगा।

वेतन बोर्ड ने वार्षिक वेतन बढ़ोतरी की दर पहली से चौथी श्रेणी के लिए छह प्रतिशत, पांचवीं और छठीं के लिए पांच प्रतिशत, सात से नौ के लिए चार, दस से 11 के लिए तीन प्रतिशत तय की है। मजीठिया बोर्ड ने जनवरी 2008 में अंतरिम राहत घोषित की थी और इसी तारीख से कर्मियों को एरियर मिल सकेगा। इसके अलावा बोर्ड ने एक्स श्रेणी के शहरों के लिए 20 प्रतिशत परिवहन भत्ता, वाई श्रेणी के लिए 10 प्रतिशत और जेड श्रेणी के लिए पांच प्रतिशत परिवहन भत्ता देने की सिफारिश की है।

बोर्ड ने रात्रि भत्तों में भारी बढ़ोतरी करते हुए इसे पहली और दूसरी श्रेणी के लिए सौ रुपये, तीसरी और चौथी के लिए 75 रुपये तथा पांचवीं से 11श्रेणी के लिए 50 रुपये तय कर दिया है। इसके अलावा 1000 रुपये मासिक 'कठिनाई भत्ता' निर्धारित किया है। एलटीए दो साल में एक बार मिलेगा और मूल वेतन के बराबर होगा। बोर्ड ने मेडिकल भत्ते में बढ़ोतरी करते हुए इसे पहली और दूसरी श्रेणी के लिए 1000 रुपये मासिक, तीसरी और चौथी श्रेणी के लिए 500 रुपये मासिक किया है। जिन लोगों पर ईएसआई लागू है, वे ये भत्ता हासिल नहीं कर सकेंगे। बोर्ड ने एरियर का भुगतान तीन समान किस्तों में करने की सिफारिश की है।

इस बीच कांफेडरेशन आफ न्यूजपेपर एंड न्यूजएजेंसी इम्प्लाइज आर्गेनाइजेशन्स के महासचिव एम एस यादव ने कहा कि वेतन बोर्ड अध्यक्ष ने श्रमजीवी पत्रकार एवं अन्य कर्मचारी कानून में प्रदत्त अधिकारों से वंचित रखते हुए बोर्ड सदस्यों को कई महत्वपूर्ण मसलों पर वोटिंग नहीं करने दिया लेकिन 'इस बात की खुशी है कि कई महत्वपूर्ण मांगों पर बोर्ड ने सकारात्मक फैसला लिया है और दीर्घकाल में इससे कर्मचारियों को फायदा होगा। रिटायरमेंट आयु बढ़ाना, वैरिएबल पे और परिवहन भत्ता इनमें से एक है।' कान्फेडरेशन में शामिल इंडियन जर्नलिस्टस यूनियन के अध्यक्ष सुरेश अखौरी, नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स-आई के वरिष्ठ नेता डॉ. नंद किशोर त्रिखा, आल इंडिया न्यूजपेपर इम्प्लाइज फेडरेशन के महासचिव मदन तलवार, फेडरेशन आफ पीटीआई इम्प्लाइज यूनियन्स के अध्यक्ष जान सी गोन्जाल्विस, यूएनआई वर्कर्स यूनियन के नेता एम एल जोशी ने वेतन बोर्ड को लेकर मिलीजुली प्रतिक्रिया दी।

[साभार: भाषा]

Friday, October 29, 2010

खरीददारी का महामुहू‌र्त्त


1980 के बाद पहली बार दीवाली से पहले शनि पुष्य नक्षत्र का प्रबल योग धनतेरस से ठीक 4 दिन पहले खरीददारी का एक अद्भुत महामुहू‌र्त्त शनिवार और पुष्य नक्षत्र 30 साल के बाद आ रहा है। महामुहू‌र्त्त 29 अक्टूबर की अ‌र्द्धरात्रि 1:32 मिनट पर पुष्य नक्षत्र की शुरुआत से होगा, जो 30 अक्टूबर को रात 12:30 बजे तक रहेगा। ऐसे में 30 अक्टूबर शनिवार को दिनभर धनतेरस और दीवाली से पहले यानी पूरे दिन खरीददारी का अति शुभ मुहू‌र्त्त है। शनिवार के दिन भूमि-भवन, वाहन, सोना-चांदी, बर्तन, कपडा, इलेक्ट्रानिक के सामान आदि खरीदने के लिए अति शुभ मुहू‌र्त्त है।
सामान्यत: पुष्य नक्षत्र हमेशा सात या आठ घंटे के लिए रहता है। लेकिन 1980 के बाद 30 अक्टूबर 2010 शनिवार के दिन यह योग दिनभर रहेगा। पुष्य नक्षत्र पर किसी भी प्रतिकूल ग्रहों का प्रभाव नहीं पडता है। ज्योतिषीय शोध के अनुसार पुष्य नक्षत्र 27 नक्षत्रों का राजा है। और ब्रह्मांड में यह नक्षत्र तीन तारों से मिलकर बना है और यह तीन तारें मां काली, महालक्ष्मी और मां सरस्वती के प्रतीक माने जाते हैं। पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि और देवता गणपति हैं। और प्राचीन धर्म शास्त्रों एवं मनीषियों की यह मान्यता है कि इस नक्षत्र में खरीदी गई कोई भी वस्तु कभी नष्ट नहीं होती है। इस दिन खरीदी गई वस्तु पर तीन देवियों का आशीर्वाद, भगवान गणेश और श्री शनिदेव की कृपा बरसती है। इस बार दीवाली से मात्र 6 दिन पहले यह अद्भुत संयोग मालामाल कर देगा। अद्भुत योग है शनिवार का दिन है। चंद्रमा स्वराशि में है। शनि पुष्य योग के दिन शनिवार के दिन कुछ भी खरीदना लाभकारी माना जाता हैं। क्योंकि शनिवार स्थिर कार्यो के लिए श्रेष्ठ दिन माना गया है। इसीलिए इस दिन खरीददारी करने का महत्व ओर अधिक बढ जाता है। एक बात और कहना चाहता हूं आप लोगों से कि पुष्य नक्षत्र अन्य नक्षत्रों का बल हर लेता है। इसीलिए शनिवार के दिन पुष्य नक्षत्र होने से ओर अधिक बलशाली योग बनता है। इसीलिए भूमि-भवन, सोना-चांदी, वस्त्र, बहीखाते, दवात-कलम आदि खरीदना अति लाभकारी माना गया है।
मेष राशि:- मेष राशि वाले को पीतल, तांबे के बर्तन और तांबे की मां लक्ष्मी की मूर्ति, तांबे का लक्ष्मी यंत्र व मकान खरीदना अति शुभ रहेगा। दीवाली पूजन के लिए भी खील, बतासे, बहीखाते, वस्त्र खरीदना शुभ रहेगा। विशेष रूप से दक्षिणावर्ती शंख अवश्य खरीदें।
वृषभ राशि:- वृषभ राशि वालों को जमीन-जायदाद चांदी की लक्ष्मी जी की मूर्ति, चांदी का सिक्का जिस पर लक्ष्मी और गणेश जी हो, चांदी के आभूषण, टी.वी. आदि खरीदना उत्तम रहेगा। विशेष रूप से लक्ष्मी चरण पादुकाएं अवश्य खरीदें।
मिथुन राशि:- मिथुन राशि वालों को भूमि-भवन, चांदी का हाथी, चांदी का दीपक, और घर में लटकाने वाली वस्तुएं साथ ही इस दिन फ्रिज खरीदना अति उत्तम रहेगा। विशेष रूप से मोती शंख अवश्य खरीदें।
कर्क राशि:- कर्क राशि वालों को अपने इष्टदेव के लिए श्रद्धानुसार चांदी का छत्र या मुकुट व भगवान के श्रृंगार के कपडों के साथ जमीन-जायदाद में पूंजी निवेश करना अनुकूल व लाभदायक रहेगा। इस दिन खरीदना उत्तम रहेगा। विशेष रूप से स्फटिक की माला अवश्य खरीदें।
सिंह राशि:- सिंह राशि वालों को पीतल और तांबे के लक्ष्मी और गणेश की मूर्तियां खरीदना, छेद वाले तांबे के सिक्के, तांबे का श्री यंत्र व खील-बतासे के साथ-साथ इस दिन कंह्रश्वयूटर खरीदना उत्तम रहेगा। विशेष रूप से 108 रक्त गुंजा के दानें अवश्य खरीदें।
कन्या राशि:- कन्या राशि वाले इस दिन जमीन-जायदाद, भूमि-भवन, वाहनादि में पूंजी निवेश करें तो लाभ मिलेगा। विशेष रूप से अपने रहने के लिए मकान खरीदें तो अति लाभ होगा। दीवाली पूजन के लिए मिट्टी से बने हुए गणेश-लक्ष्मी जी खरीदें व घर में बंदनवार, आर्टिफिशल फूलों की लडी खरीदना शुभ रहेगा। विशेष रूप से लघु श्रीफल अवश्य खरीदें।
तुला राशि:- तुला राशि वालें इस दिन विशेष रूप से अपने कार्यालय के लिए जमीन या कार्यालय खरीदें तो बहुत लाभदायक रहेगा। दीवाली पूजन के लिए इस दिन चांदी का कुबेर यंत्र, चांदी का सिक्का व चांदी की वस्तुएं खरीदना अति उत्तम रहेगा। विशेष रूप से पीली कौडिया अवश्य खरीदें।
वृश्चिक राशि:- वृश्चिक राशि वाले स्थायी रूप से व्यापार के लिए किसी भूमि खरीदने में पूंजी निवेश करें तो बहुत अच्छा रहेगा। दीवाली पूजा के लिए पीतल, तांबे के बर्तन और तांबे की मां लक्ष्मी की मूर्ति, तांबे का कुबेर यंत्र खरीदना शुभ रहेगा। दीवाली पूजन के लिए भी खील, बतासे धनतेरस के दिन खरीदना शुभ रहेगा। विशेष रूप से गोमती चक्र अवश्य खरीदें।
धनु राशि:- धनु राशि वालें सोने में पूंजी निवेश करें तो लाभकारी रहेगा। दीवाली पूजन क लिए पीतल और तांबे की वस्तुएं खरीदना साथ ही पीतल का अष्ट लक्ष्मी यंत्र खरीदना एवं तांबे की बनी लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, खील-बतासे खरीदना उत्तम रहेगा। विशेष रूप से 108 कमल गट्टे की माला अवश्य खरीदें।
मकर राशि:- मकर राशि वाले इस दिन व्यवसायिक भूमि संबंधी सौदों में पूंजी निवेश करें तो बहुत लाभ मिलेगा। दीवाली पूजन के लिए मिट्टी से बने हुए गणेश-लक्ष्मी व घर में बंदनवार, आर्टिफिशल फूलों की लडी खरीदना शुभ रहेगा। विशेष रूप से 108 दानें की काले हकीक की माला अवश्य खरीदें।
कुंभ राशि:- कुंभ राशि वालें चांदी में पूंजी निवेश करें तो बहुत लाभ मिलेगा और दीवाली पूजन के लिए चांदी की वस्तुएं व घर में लटकाने वाली वस्तुएं खरीदना अति उत्तम रहेगा। विशेष रूप से 108 दानें की वैयजंती माला अवश्य खरीदें।
मीन राशि:- मीन राशि वाले सोने-चांदी, भूमि, आवास के लिए मकान आदि में पूंजी निवेश करें तो लाभ मिलेगा। दीवाली पूजन के लिए चांदी की वस्तुएं व छत्र, मुकुट, भगवान के श्रृंगार के कपडे खरीदना उत्तम रहेगा। विशेष रूप से 108 दानें की हल्दी माला अवश्य खरीदें।
[श्री शनिधाम पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर परमहंस दाती जी महाराज]

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Thursday, October 14, 2010

समस्त साधनाओं को सिद्ध करने वाली मां सिद्धिदात्री


नवरात्र के नवम् तथा अंतिम दिन समस्त साधनाओं को सिद्ध एवं पूर्ण करने वाली तथा अष्टसिद्धि नौ निधियों को प्रदान करने वाली भगवती दुर्गा के नवम् रूप मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना का विधान है। देवी भगवती के अनुसार भगवान शिव ने मां की इसी शक्ति की उपासना करके सिद्धियां प्राप्त की थीं। इसके प्रभाव से भगवान का आधा शरीर स्त्री का हो गया था। उसी समय से भगवान शिव को अ‌र्द्धनारीश्वर कहा जाने लगा है। इस रूप की साधना करके साधक गण अपनी साधना सफल करते हैं तथा सभी मनोरथ पूर्ण करते हैं। वैदिक पौराणिक तथा तांत्रिक किसी भी प्रकार की साधना में सफलता प्राप्त करने के पहले मां सिद्धिदात्री की उपासना अनिवार्य है।

साधना विधान -
सर्वप्रथम लकडी की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर मां सिद्धिदात्री की मूर्ति अथवा तस्वीर को स्थापित करें तथा सिद्धिदात्री यंत्र को भी चौकी पर स्थापित करें। तदुपरांत हाथ में लालपुष्प लेकर मां का ध्यान करें।


ध्यान मंत्र -
सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।
सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।
ध्यान के बाद हाथ के पुष्प को मां के चरणों में छोड दें तथा मां का एवं सिद्धिदात्री के मंत्र का पंचोपचार अथवा षोडशोपचार विधि से पूजन करें। देशी घी से बने नैवेद्य का भोग लगाएं तथा मां के नवार्ण मंत्र का इक्कीस हजार की संख्या में जाप करें। मंत्र के पूर्ण होने के बाद हवन करें तथा पूर्णाहुति करें। अंत में ब्राह्मणों को भोजन कराएं तथा वस्त्र-आभूषण के साथ दक्षिणा देकर परिवार सहित आशीर्वाद प्राप्त करें। कुंवारी कन्याओं का पूजन करें और भोजन कराएं। वस्त्र पहनाएं वस्त्रों में लाल चुनरी अवश्य होनी चाहिए, क्योंकि मां को लाल चुनरी अधिक प्रिय है। कुंआरी कन्याओं को मां का स्वरूप माना गया है। इसलिए कन्याओं का पूजन अति महत्वपूर्ण एवं अनिवार्य है।

भोग
इस दिन भगवती को धान का लावा अर्पण करके ब्राह्मण को दे देना चाहिए। इस दान के प्रभाव से पुरुष इस लोक और परलोक में भी सुखी रह सकता है।
[श्री सिद्ध शक्तिपीठ शनिधाम के पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर परमहंस दाती महाराज]
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Wednesday, October 13, 2010

मां के आठवें स्वरूप महागौरी की उपासना


नवरात्र के आठवें दिन मां के आठवें स्वरूप महागौरी की उपासना की जाती है इस दिन साधक विशेष तौर पर साधना में मूलाधर से लेकर सहस्त्रार चक्र तक विधि पूर्वक सफल हो गए होते हैं। उनकी कुंडलिनी जाग्रत हो चुकी होती है तथा अष्टम् दिवस महागौरी की उपासना एवं आराधना उनकी साधना शक्ति को और भी बल प्रदान करती है। मां की चार भुजाएं हैं तथा वे अपने एक हाथ में त्रिशूल धारण किए हुए हैं, दूसरे हाथ से अभय मुद्रा में हैं, तीसरे हाथ में डमरू सुशोभित है तथा चौथा हाथ वर मुद्रा में है। मां का वाहन वृष है। अपने पूर्व जन्म में मां ने पार्वती रूप में भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी तथा शिव जी को पति स्वरूप प्राप्त किया था। मां की उपासना से मनपसंद जीवन साथी एवं शीघ्र विवाह संपन्न होगा। मां कुंवारी क न्याओं से शीघ्र प्रसन्न होकर उन्हें मनचाहा जीवन साथी प्राप्त होने का वरदान देती हैं। इसमें मेरा निजी अनुभव है मैंने अनेक कुंवारी कन्याओं को जिनकी वैवाहिक समस्याएं थी उनसे भगवती गौरी की पूजा-अर्चना करवाकर विवाह संपन्न करवाया है। यदि किसी के विवाह में विलंब हो रहा हो तो वह भगवती महागौरी की साधना करें, मनोरथ पूर्ण होगा।

साधना विधान -
सर्वप्रथम लकडी की चौकी पर या मंदिर में महागौरी की मूर्ति मूर्ति अथवा तस्वीर स्थापित करें तदुपरांत चौकी पर सफेद वस्त्र बिछाकर उस पर महागौरी यंत्र रखें तथा यंत्र की स्थापना करें। मां सौंदर्य प्रदान करने वाली हैं। हाथ में श्वेत पुष्प लेकर मां का ध्यान करें।

ध्यान मंत्र -
श्वेते वृषे समारू ढा श्वेताम्बरधरा शुचि:।
महागौरी शुभम् दद्यान्महादेव प्रमोददा॥
ध्यान के बाद मां के श्री चरणों में पुष्प अर्पित करें तथा यंत्र सहित मां भगवती का पंचोपचार विधि से अथवा षोडशोपचार विधि से पूजन करें तथा दूध से बने नैवेद्य का भोग लगाएं। तत्पश्चात् ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। मंत्र की तथा साथ में ॐ महा गौरी देव्यै नम: मंत्र की इक्कीस माला जाप करें तथा मनोकामना पूर्ति के लिए मां से प्रार्थना करें। अंत में मां की आरती और कीर्तन करें।

शीघ्र विवाह एवं संपूर्ण वैवाहिक सुख प्रदान करने वाला प्रयोग
यदि आपका विवाह न हो रहा हो, या आपके परिवार में किसी का विवाह विलम्ब से हो रहा हो या आपके वैवाहिक जीवन में तनाव हो तो यह उपाय बहुत लाभदायक होगा। यह उपाय किसी भी शुक्ल पक्ष की अष्टमी को या नवरात्र की अष्टमी को रात्रि 10 बजे से 12 बजे के बीच में शुरू करना चाहिए और नियमित 43 दिन तक करें। अपने सोने वाले कमरे में एक चौकी बिछा तांबे का पात्र रख उसमें जल भर दें। पात्र के अंदर आठ लौंग, आठ हल्दी, आठ साबुत सुपारी, आठ छुहारे, इन सारे सामान को डाल दें। आम के पांच पत्ते दबा कर जटा वाला नारियल पात्र के ऊपर रख दें। वहीं आसन बिछा कर घी का दीपक जलाएं, श्रद्धापूर्वक धूप-दीप अक्षत पुष्प और नैवेद्य अर्पित करने के उपरांत पांच माला जाप मां गौरी के मंत्र ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। ॐ महागौरी देव्यै नम: की और एक माला जाप शनि पत्नी नाम स्तुति की करें और रात्रि में भूमि शयन करें। प्रात: काल मौन रहते हुए यह सारी सामग्री किसी जलाशय या बहते हुए पानी में प्रवाह कर दें। वैवाहिक समस्याओं का निवारण हो जाएगा।
[श्री सिद्ध शक्तिपीठ शनिधाम के पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर परमहंस दाती महाराज]
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आदि शक्ति मां कालरात्रि की उपासना


नवरात्र के सातवें दिन आदि शक्ति मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना का विधान है। व्यापार संबंधी समस्या, ऋण मुक्ति एवं अचल संपत्ति के लिए मां कालरात्रि की पूजा का विशेष महत्व बताया जाता है। देखने में मां का स्वरूप विकराल है। परंतु मां सदैव ही शुभ फल प्रदान करती हैं। इस दिन साधकगण अपने मन को सहस्रार चक्र में स्थित करते हैं और मां की अनुकंपा से उन्हें ब्रह्मांड की समस्त सिद्धियां प्राप्त होती हैं। मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना एवं साधना द्वारा अकाल मृत्यु, भूत-प्रेत बाधा, व्यापार, नौक री, अग्निभय, शत्रुभय आदि से छुटकारा प्राप्त होता है।
नवरात्र का सातवां दिन भगवती कालरात्रि की आराधना का दिन है। श्रद्धालु भक्त व साधक अनेक प्रकार से भगवती की अनुकंपा प्राप्त करने के लिए व्रत-अनुष्ठान व साधना करते हैं। कुंडलिनी जागरण के साधक इस दिन सहस्त्रार चक्र को जाग्रत करने की साधना करते हैं। वे गुरु कृपा से प्राप्त ज्ञान विधि का प्रयोग कर कुंडलिनी शक्ति को जाग्रत कर शास्त्रोक्त फल प्राप्त कर अपने जीवन को सफल बनाना चाहते हैं। जगदम्बा भगवती के उपासक श्रद्धा भाव से उनके कालरात्रि स्वरूप की पूजा कर उनके आशीर्वाद से अपने जीवन को कृतार्थ करते हैं।
सहस्त्रार चक्र पर सूर्य का आधिपत्य होता है। लोक - सत्यलोक (अनंत), मातृ देवी - छहों चक्रों की देवियां, देवता - परमशिव, तत्व - तत्वातीत। इसका स्थान तालु के ऊपर मस्तिष्क में ब्रह्म रंध्र से ऊपर सब शक्तियों का केंद्र है और अधिष्ठात्री देवी - शक्ति कात्यायनी हैं।


साधना विधान-
सर्वप्रथम लकडी की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाक र मां कालरात्रि की मूर्ति अथवा तस्वीर स्थापित करें तथा चौकी पर कालरात्रि यंत्र को रखें। तदुपरांत हाथ में पुष्प लेकर मां कालरात्रि का ध्यान आह्वान करें। यदि मां की छवि ध्यान अवस्था में विकराल नजर आएं तो घबराएं नहीं बल्कि मां के चरणों में ध्यान एकाग्र करें। मां का स्वरूप देखने में भले ही विकराल है परंतु हर प्रकार से मंगलकारक है।


ध्यान मंत्र -
कराल रूपा कालाब्जा समानाकृति विग्रहा।
कालरात्रि शुभ दधद् देवी चण्डाट्टहासिनी॥


ध्यान के बाद हाथ के पुष्प मां को अर्पण कर दें तथा मां कालरात्रि एवं यंत्र का पंचोपचार से पूजन करें तथा नैवेद्य का भोग लगाएं। इसके बाद मां का मंत्र जाप नौ माला की संख्या में पूर्ण करें - मंत्र - लीं लीं हुं। मनोकामना पूर्ति के लिए मां से प्रार्थना करें। तदुपरांत मां की आरती और कीर्तन करें।


संपूर्ण सौभाग्यवर्घक प्रयोग
यह प्रयोग चैत्र नवरात्र की सप्तमी प्रात: 4 से 6 दोपहर 11:30 से 12:30 के बीच और रात्रि 10:00 बजे से 12:00 के बीच शुरू करना लाभकारी होगा। चौकी पर लाल वस्त्र बिछा कर मां कालरात्रि की तस्वीर और दक्षिणी काली यंत्र व शनि यंत्र स्थापित करें। उसके बाद अलग-अलग आठ मुट्ठी उडद की चार ढेरियां और आठ मुट्ठी गेहूं की चार ढेरियां बना दें। प्रत्येक गेहूं की ढेरी पर मिट्टी का देशी घी से भरा दीपक रख दें और प्रत्येक उडद की ढेरी पर तेल से भरा दीपक रखें। प्रत्येक दीपक में आठ बत्ती रहनी चाहिए। दीपक प्रज्ज्वलित करने के बाद धूप-नैवेद्य, पुष्प-अक्षत अर्पित करें। शुद्ध कंबल का आसन बिछा कर एक पाठ शनि चालीसा, एक पाठ मां दुर्गा चालीसा, एक माला जाप ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। ॐ कालरात्रि देव्यै नम: और एक माला ॐ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से सारे कष्टों का निवारण होगा, पारिवारिक, व्यापारिक और शारीरिक सभी कष्टों से मुक्ति मिलेगी और आपका जीवन सुखी हो जाएगा।
नवरात्र की सप्तमी या किसी भी शुक्ल पक्ष की सप्तमी को रात्रि 8 बजे से लेकर 12 बजे तक यह पूजा करें। चौकी पर लाल कपडा बिछा कर मां कालरात्रि की तस्वीर रखें, साथ में संपूर्ण श्री यंत्र और शनि यंत्र भी स्थापित करें। तत्पश्चात् 108 धान की छोटी-छोटी ढेरी बनाएं और प्रत्येक ढेरी पर 108 कमलगट्टे पर कुमकुम, केसर व हल्दी घोल कर अनार की कलम से श्री लिखें। एक-एक श्री लिखा हुआ कमलगट्टा रख दें। साथ में प्रत्येक ढेरी पर एक पूजा कपूर की डली, एक लौंग, एक इलायची और एक साबुत सुपारी भी रखें। धूप-दीप, नैवेद्य पुष्प अक्षत अर्पित करें और कंबल का शुद्ध आसन बिछा कर ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। ॐ कालरात्रि देव्यै नम: मंत्र का जाप पांच माला और पांच माला ॐ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप तथा एक माला ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीदं। श्रीं ह्रीं महालक्ष्म्यै नम: मंत्र का जाप करें। तत्पश्चात माँ भगवती से एक श्री लिखा हुआ कमलगट्टा मांग लें उस कमलगट्टे के साथ लौंग, इलायची, साबुत सुपारी, कपूर लाल रेश्मी वस्त्र में बांधकर अपनी तिजोरी में रख दें और बाकी सारी सामग्री को बहते पानी में बहा दें। ऐसा करने से सारी आर्थिक समस्याओं का निवारण हो जाएगा।
[श्री सिद्ध शक्तिपीठ शनिधाम के पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर परमहंस दाती महाराज]
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