Saturday, October 2, 2010

प्रबल त्रियोग

इस साल 3 अक्टूबर को बहुत ही प्रबल त्रियोग बन रहे हैं। इस दौरान विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पडेगा जानिए:-


  • सर्वार्थसिद्व योग
  • रविपुष्य योग
  • कन्या राशि में चार ग्रहो का सम्बन्ध्
  • कन्या राशि में चार ग्रहो का योग से सम्बन्ध -
  • सूर्य, बुध, शनि कन्या राशि में गोचर कर रहे है।
  • बृहस्पति इन तीनो को अपनी पूर्ण सप्तम् दृष्टि से देख रहे है।
  • बृहस्पति का मंगल व शुक्र से षडाष्टक योग है।
  • बृहस्पति का राहु से चर्तुथ दशम् योग।
  • सूर्य बुध और शनि से मंगल शुक्र का दुबारा योग।
  • ये ग्रहयोगायोग मेदनि ज्योतिष के अनुसार - आने वाले छ: नवम्बर तक अनुकूलता का संदेश नही दे रहे हैं 
  • जिस तरह के ग्रहयोगायोग हैं राष्ट्र की सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतनी होगी।
  • वायदा बाजारों में विशेष सावधानी की आवश्यकता है।
  • मंगल व शुक्र त्रिकादश योग स्थापित कर रहे है।
  • 6 नवम्बर तक राजनैतिक उठापठक, दुर्घटनाएँ एंव धर्म को लेकर अनहोनी का भी संदेश मिल रहा है।
 होरा शास्त्र के अनुसार इन द्वादश राशिओ पर प्रभाव कर्क राशि - तुला राशि - मकर राशि -
मेष राशि -
- ये 15 दिन मेष राशि वालो को विशेष सावधानी के रहेगें।
- लाभ प्राप्ति के लिए कठिन परिश्रम करना होगा।
- उधार लेन देन से बचना होगा।
- अनावश्यक क्रोध व उत्तोजना परेशानी का कारण बन सकते है,
- परन्तु समस्याओं के बावजूद भी गुजारे लायक धन की प्राप्ति होगी।

वृषभ राशि -
 - वृषभ राशि वालो के लिए ये समय अनुकूल नही है।
 -  पारिवारिक परेशानियों का सामना करना पडेगा।
- बनते हुए कामों में विघ्न आयेगा।
- अनावश्यक खर्चो में वृध्दि होगी।
 मिथुन राशि -
- मिथुन राशि वालो के लिए ये समय ठीक रहेगा ।
- साहस व पराक्रम में वृध्दि होगी।
- कारोबारी समस्याओं का निवारण होगा।
- आय के साधन उपलब्ध होगें।
- मान सम्मान व यश में वृध्दि होगी।
 - परन्तु चोट आदि का भय नजर आ रहा है, सावधानी बरतें।

   - कर्क राशि वालो के लिए समय अनुकूल है।
   - व्यवसाय में सफलता के अवसर प्राप्त होंगे।
   - धर्म कर्म में रुचि बढ़ेगी।
   - रुके हुए कार्य बनेगें।
   - धन प्राप्ति के साधन उपलब्ध होगें परन्तु यात्राओं से सावधानी बरतनी  होगी।
 सिहं राशि -
- सिंह राशि वालो के लिए ये समय अनुकूल नही हैं।
- अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पडेगा।
- किये गए प्रयास असफल होगें।
- बनते हुए कामो में विघ्न पडेगा।
- व्यर्थ की भागदौड़ व मानसिक तनाव बढेगा।
- स्वास्थय भी प्रतिकूल रह सकता है।
 कन्या राशि -
- कन्या राशि वालो के लिए समय शुभता का संकेत।
- पारिवारिक परेशानी का निवारण।
- कारोबार में सफलता मिलेगी।
- परिवार में मंगल कार्य सम्पन्न होगें।
- किये गये प्रयास सफल होगें
- परन्तु साझेदारी से सावधानी बर्तें। स्वास्थय पर ध्यान दें।

- तुला राशि वालो के लिए समय अनुकूल है।
- किये गये प्रयास सफल होगें।
- अनावश्यक विघ्नो से पीछा छूटेगा।
- मनोबल में वृध्दि होगी।
- परन्तु अनावश्यक खर्चो के साथ शारीरिक कष्ट व चोट की सम्भावना नजर
   आ रही है।
 वृश्चिक राशि -
- वृश्चिक राशि वालों के लिए कारोबार की दृष्टि से समय अनुकूल रहेगा।
- मनोनकूल कार्यो में वृध्दि, पारिवारिक सुखो में वृध्दि धन लाभ व उन्नति के   
   अवसर प्राप्त होगें।
- परन्तु नया पूंजी निवेश बुर्जगो की सलाह से करें तो अच्छा होगा।
 धनु राशि -
- धनु राशि वालो के लिए समय अनुकूल है।
- रुके हुए काम बनेगें।
- परिवारिक सदस्यो का सहयोग प्राप्त होगा।
- कारोबार में सफलता के अवसर प्राप्त होगें।
- यदि आप नौकरी में है तो मनोनकूल स्थान परिवर्तन की सम्भावना भी नजर
   आ रही है।

- मकर राशि वालो के लिए समय अनुकूल है।
- साहस व पराक्रम बढेगा।
- संघर्षपूर्ण परिस्थितियाें से पीछा छूटेगा।
- व्यवसाय में धन लाभ प्राप्त होगा।
- नौकरी में उन्नति के अवसर मिलेगें।
- मनोनकूल आय के साधन प्राप्त होगें
- परन्तु लेन देन में विशेष सावधानी बरतनी होगी धोखे की सम्भावना नजर आ रही है।
 कुम्भ राशि -
- कुम्भ राशि वालों  के लिए ये समय अनुकूल नहीं है।
- इस समय पूँजी निवेश न करे।
& महत्वपूर्ण योजनाए छ: नवम्बर के बाद कार्यान्वित करें।
- धरेलू परेशानियों से मन परेशान रहेगा।
- व्यवसाय में अनावश्यक समस्याओं का सामना करना पडेगा।
- स्वास्थय भी प्रतिकूल रहेगा।
 मीन राशि -
- मीन राशि वालो के लिए ये समय अनुकूल है।
- अपनो का साथ मिलेगा।
- अचानक रुके हुए कार्य बनेगें।
- मान सम्मान में वृध्दि होगी।
- सुख के साधनो में वृध्दि होगी।
- आक्स्मात् धन प्राप्ति का योग भी नजर आ रहा है।

[श्री सिद्ध शक्तिपीठ शनिधाम के पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर परमहंस दाती महाराज]
http://www.shanidham.in/

Thursday, June 10, 2010

कसाब को छुड़ाने के लिए विमान अपहरण की धमकी

नई दिल्ली। अमीरात आफ अल हिंद नाम के आतंकी गुट ने विमान अपहरण कर मुंबई हमले के दोषी आतंकी अजमल अमीर कसाब को छुड़ाने की धमकी दी है। इस धमकी के बाद हवाई अड्डों पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। आतंकी गुट अमीरात आफ अल हिंद को लश्कर-ए-तैयबा का छद्म रूप माना जा रहा है। आतंकी गुट ने अपनी वेबसाइट पर धमकी जारी की है। इसमें मुंबई हमले (26/11) के दोषी अजमल अमीर कसाब को छुड़ाने के आईसी -814 को दोहराने की धमकी दी गई है।


गौरतलब है कि हरकत-उल-मुजाहिद्दीन के आतंकियों ने इंडियन एयरलाइंस के विमान आईसी-814 का 24 दिसंबर 1999 को काठमांडू से अपहरण कर लिया था। आतंकी विमान का अपहरण कर इसे कंधार ले गए थे। हालांकि धमकी किसी खास हवाई अड्डे के संदर्भ में नहीं है, लेकिन इसे गंभीरता से लिया गया है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को इस बारे में जानकारी दी गई है। इसके बाद हवाई अड्डों पर चौकसी बढ़ा दी गई है। सीआईएसएफ के प्रवक्ता रोहित कटियार ने कहा है कि बल किसी भी तरह की धमकी से निपटने के लिए तैयार है।

[साभार: दैनिक जागरण]

Thursday, May 13, 2010

पितृ और कालसर्प दोष से मुक्ति दिलाती है शनैश्चरी अमावस्या



शनि जयंती व शनैचरी अमावस्या: 12 जून, 2010

शनिवार को पड़ने वाली अमावस्या को शनैश्चरी अमावस्या कहा जाता है। इस दिन मनुष्य विशेष अनुष्ठानों से पितृदोष और कालसर्प दोष से मुक्ति पा सकता है। इसके अलावा शनि का पूजन और तैलाभिषेक कर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और महादशा जनित संकट और आपदाओं से भी मुक्ति पाई जा सकती है, इसलिए शनैश्चरी अमावस्या के दिन पितरों का श्राद्ध जरूर करना चाहिए। यदि पितरों का प्रकोप न हो तो भी इस दिन किया गया श्राद्ध आने वाले समय में मनुष्य को हर क्षेत्र में सफलता प्रदान करता है, क्योंकि शनिदेव की अनुकंपा से पितरों का उद्धार बड़ी सहजता से हो जाता है।

धन-वैभव, मान-समान और ज्ञान आदि की प्राप्ति देवों और ऋषियों की अनुकंपा से होती है जबकि आरोग्य लाभ, पुष्टि और वंश वृद्धि के लिए पितरों का अनुग्रह जरूरी है। देवों और ऋषियों से संबंधित जप-तप और यज्ञ से मनुष्य को वही चीजें हासिल हो सकती हैं जिन्हें प्रदान करना उनके अधिकार में है, किंतु जिस व्यक्ति पर पितृकोप होता है वह देवों या ऋषियों को प्रसन्न करने से दूर नहीं होता। उसके लिए पितृकोप शांत करने वाले अनुष्ठान जरूरी होते हैं। ऐसे में शनि अमावस्या पर की गई पूजा और अनुष्ठान से पितर खुश होते हैं और लोगों को पितृकोप से निजात मिलती है। पितरों को प्रसन्न करने के लिए मनुष्य को सदा तत्पर रहना चाहिए क्योंकि पितरों के आशीर्वाद से ही सांसारिक विकास और अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। पितृदोष या कालसर्पदोष ग्रस्त, असाध्य रोगों से पीडि़त, संतानहीन मनुष्य को शनि अमावस्या पर पूजा अर्चना करनी चाहिए। इस दिन मनुष्य को सरसों का तेल, उड़द, काला तिल, देसी चना, कुलथी, गुड़ शनियंत्र और शनि संबंधी समस्त पूजन सामग्री अपने ऊपर वार कर शनिदेव के चरणों में चढ़ाकर शनिदेव का तैलाभिषेक करना चाहिए।

शनिदेव को परमपिता परमात्मा के जगदाधार स्वरूप कच्छप का ग्रहावतार और कूर्मावतार भी कहा गया है। वह महर्षि कश्यप के पुत्र सूर्यदेव की संतान हैं। उनकी माता का नाम छाया है। इनके भाई मनु सावर्णि, यमराज, अश्वनी कुमार और बहन का नाम यमुना और भद्रा है। उनके गुरु शिवजी हैं और उनके मित्र हैं काल भैरव, हनुमान जी, बुध और राहु। ग्रहों के मुख्य नियंत्रक हैं शनि। उन्हें ग्रहों के न्यायाधीश मंडल का प्रधान न्यायाधीश कहा जाता है। शनिदेव के निर्णय के अनुसार ही सभी ग्रह मनुष्य को शुभ और अशुभ फल प्रदान करते हैं। न्यायाधीश होने के नाते शनिदेव किसी को भी अपनी झोली से कुछ नहीं देते। वह तो शुभ-अशुभ कर्मो के आधार पर मनुष्य को समय-समय पर वैसा ही फल देते हैं जैसे उन्होंने कर्म किया होता है।


क्रूर नहीं कल्याणकारी हैं शनि

लोग शनिदेव को क्रूर, क्रोधी, कष्टदायक और अमंगलकारी देवता समझते हैं शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और महादशा और अंतरदशा होने पर लोग शनिदेव की शरण में आते हैं जबकि हकीकत यह है कि शनि मंगलकारी हैं। वह दुखदायक नहीं, सुखदायक हैं। शनि अशांति नहीं देते, शांति देते हैं। शनि भाग्यविधाता हैं, कर्म के दाता हैं, शनि मोक्ष के दाता हैं। शनि एक न्यायप्रिय ग्रह हैं। शनिदेव अपने भक्तों को भय से मुक्ति दिलाते हैं।

[इस बार शनि जयंती व शनैश्चरी अमावस्या का अद्भुत संयोग होने से इसका विशेष महत्व है।]

[लेख शनिचरणानुरागी दाती मदन महाराज राजस्थानी से बातचीत पर आधारित है]

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प्रस्तुति: यशपाल सिंह

Friday, January 1, 2010

कर्मचारी का हक है ग्रेच्युटी



नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने अपने एक अहम फैसले में कहा है कि ग्रेच्युटी कर्मचारी का अधिकार है। प्रबंधन इस आधार पर इससे इनकार नहीं कर सकता कि कर्मी को भविष्य निधि और पेंशन का लाभ दिया जा रहा है।
उच्चतम न्यायालय ने कहा कि कोई संस्थान किसी कर्मचारी को ग्रेच्युटी देने से इनकार नहीं कर सकता, क्योंकि संसद द्वारा पारित कानूनी प्रावधान को किसी अनुबंध या अन्य माध्यमों से नकारा नहीं जा सकता। न्यायमूर्ति बी. सुदर्शन रेड्डी और आर.एम. लोढा की खंडपीठ ने हालिया फैसले में कहा, 'जहां तक ग्रेच्युटी के भुगतान का सवाल है, संबंधित कानूनी प्रावधान अन्य किसी अनुबंध से ऊपर हैं। ग्रेच्युटी पाने के अधिकार को किसी अनुबंध या अन्य माध्यम से खत्म नहीं किया जा सकता।'
उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में इलाहाबाद बैंक की इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। उच्च न्यायालय ने बैंक प्रबंधन को सेवानिवृत्त कर्मचारी को ग्रेच्युटी देने का निर्देश दिया था। बैंक का तर्क था कि कर्मचारी को पेंशन और भविष्य निधि जैसे लाभ दिए गए इसलिए उसे ग्रेच्युटी नहीं दी जा सकती। अदालत ने कहा कि ग्रेच्युटी कुछ विशेष परिस्थितयों में ही रोकी जा सकती है और इसके लिए सरकार की मंजूरी लेनी होगी।
[साभार: भाषा]

Sunday, November 8, 2009

जिंदगी से जूझ रहे मास्टर चंदगीराम

नई दिल्ली। राजधानी में हिंदूराव अस्पताल के बिस्तर पर पिछले दो माह से जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे 72 साल के इस इंसान ने अपना पूरा जीवन कुश्ती को समर्पित कर दिया और बीमारी में भी इसी खेल के बारे में सोचने वाले मास्टर चंदगीराम ने ओलंपिक में अधिक पदक जीतने का गुरूमंत्र खोज निकाला है।
जन्मदिन की बधाई के लिए संपर्क करने वालों से मास्टर जी ओलंपिक खेलों में अधिक पदक जीतने के बारे में बात करना शुरू कर देते हैं। उन्हें आज भी मीडिया से यह शिकायत है कि वह क्रिकेट के अलावा अन्य खेल खासकर कुश्ती पर तो ध्यान नहीं देता है।
शरीर के निचले हिस्से में खून नहीं जा पाने से दो माह से परेशान होने के बावजूद मास्टर चंदगीराम ने बताया कि अभी जरा तबीयत ठीक नहीं है, लेकिन मैने एक योजना तैयार की है जिससे हम ओलंपिक खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता में और ज्यादा पदक जीत सकते। इस बारे में मैं अस्पताल से बाहर आने पर आपसे विस्तार से बात करूंगा।
टेलीविजन के एक मशहूर कार्यक्रम खतरों के खिलाड़ी से अपनी अलग पहचान बना चुकी मास्टर जी की बेटी सोनिका कालीरमण ने अपने पिता के बारे में बताया कि कुश्ती उनके खून में है उनमें एक अजीब तरह का दीवानापन है जो सनकीपन की हद तक है। राष्ट्रमंडल खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता के लिए अपने को तैयार कर रही सोनिका ने बताया कि मास्टर जी शुरू में लड़कियों को पहलवान बनाने को बहुत अच्छा नहीं मानते थे, लेकिन एक बार स्कूल में लड़के से छेड़खानी के मामले से वे इतना नाराज हुए कि उन्होंने कहा कि लड़कियों को भी अपनी रक्षा के लिए ताकतवर होना चाहिए और उन्होंने हमें पहलवान बनने की इजाजत दी।
हरियाणा के जिला हिसार के सिसाई गांव में नौ नवंबर 1937 में जन्मे चंदगीराम शुरू में कुछ समय के लिए भारतीय सेना की जाट रेजीमेंट में सिपाही रहे और बाद में स्कूल टीचर होने के कारण उनको मास्टर चंदगीराम भी कहा जाने लगा था। सत्तर के दशक के सर्वश्रेष्ठ पहलवान मास्टर जी को 1969 में अर्जुन पुरस्कार और 1971 में पदमश्री अवार्ड से नवाजा गया।
बीस साल की उम्र के बाद कुश्ती में हाथ आजमाना शुरू करने वाले मास्टर जी ने 1961 में राष्ट्रीय चैम्पियन बनने के बाद से देश का ऐसा कोई कुश्ती का खिताब नहीं रहा जो नहीं जीता हो। इसमें राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अलावा हिंद केसरी, भारत केसरी, भारत भीम और रूस्तम-ए-हिंद आदि के खिताब शामिल हैं।ईरान के विश्व चैम्पियन अबुफजी को हराकर बैंकाक एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना उनका सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन माना जाता है। उन्होंने 1972 म्युनिख ओलम्पिक में देश का नेतृत्व किया और दो फिल्मों 'वीर घटोत्कच' और 'टारजन' में काम किया और कुश्ती पर पुस्तकें भी लिखी।
[साभार: भाषा]

Tuesday, June 2, 2009

कसाब के वकील पर खुला सरकारी खजाना


मुंबई। 26/11 के आतंकी हमले मामले के मुख्य अभियुक्त पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद अजमल आमिर कसाब के वकील अब्बास काजमी पर महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी खजाने का मुंह खोल दिया है। जहां एक सरकारी वकील को किसी मुकदमे की पूरी पैरवी करने पर मात्र 900 रुपये मिलते हैं, वहीं काजमी को कसाब की वकालत करने पर प्रतिदिन 2500 रुपये का भुगतान किया जाएगा। महीने में लगभग 20 दिन चलने वाली इस सुनवाई पर काजमी को लगभग 50 हजार रुपये का भुगतान किया जाएगा।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मामले की सुनवाई हर हफ्ते सोमवार से शुक्रवार तक पांच दिन होगी। कसाब का बचाव करने के लिए फीस के रूप में काजमी को हर हफ्ते 12,500 रुपये और हर महीने 50 हजार रुपये का भुगतान किया जाएगा। कानूनन, यदि कोई आरोपी वकील पाने में विफल रहता है तो ऐसी स्थिति में राज्य के कानूनी सहायता प्रकोष्ठ से उसके बचाव के लिए एक वकील नियुक्त किया जाता है। आमतौर पर अदालत ऐसे मामलों के लिए नियुक्त वकील को पूरे मामले के लिए 900 रुपये देती है। इसलिए बहुत कम वकील आरोपी का बचाव करने के लिए आगे आते हैं। हालांकि, मामले की संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए विशेष अदालत ने वरिष्ठ वकील काजमी को बचाव पक्ष का वकील नियुक्त किया और महाराष्ट्र सरकार से अनुरोध किया कि उन्हें तर्कसंगत भुगतान किया जाए।
न्यायमूर्ति एम एल टाहिलियानी ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि विशेष मामला होने के कारण कसाब के वकील का मेहनताना राज्य द्वारा निर्धारित किया जाएगा और इसे उदाहरण के तौर पर रखकर अन्य मामलों में लागू नहीं किया जा सकेगा।विशेष अदालत ने इसके अनुरूप अपनी अनुशंसा [कसाब के लिए काजमी को बचाव पक्ष का वकील नियुक्त करने संबंधी] को राज्य सरकार के मुख्य सचिव के पास भेजा जिन्होंने इस प्रस्ताव को कानून और न्याय प्रभाग को भेज दिया। सूत्रों ने बताया कि विभाग ने काजमी के लिए ढाई हजार रुपये मेहनताने को मंजूरी दे दी।इस बारे में काजमी ने कहा,'कुछ दिन पहले इस संबंध में सरकारी अधिसूचना जारी हुई थी और मुझे इसकी एक प्रति मिली है।'विशेष अदालत में इस मामले की हर दिन होने वाली सुनवाई में अभी तक 35 गवाहों से पूछताछ हो चुकी है।
साभार: एजेंसियां

Tuesday, April 7, 2009

सिख पत्रकार ने फेंका चिदंबरम पर जूता

नई दिल्ली। सिख विरोधी दंगों में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर को सीबीआई द्वारा क्लीन चिट दिए जाने से उत्तेजित एक सिख पत्रकार ने केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम पर जूता फेंक दिया।

जूता फेंकने की इस घटना से कांग्रेस मुख्यालय में खलबली मच गई और जूता फेंकने वाले दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार जरनैल सिंह को पुलिस ने फौरन हिरासत में ले लिया। जरनैल सिंह ने पुलिस हिरासत में बयान देते हुए आवेश में जूता फेंकने पर बेहद अफसोस जताया लेकिन कहा कि 25 साल से सिखों के खिलाफ हो रही नाइंसाफी के बाद चिदंबरम द्वारा उनके सवाल के टालमटोल कारण उनके सामने ऐसी स्थिति पैदा हुई। पुलिस ने पूछताछ के बाद जरनैल सिंह को छोड़ दिया।
इराक की राजधानी बगदाद में पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश पर एक पत्रकार ने जूता फेंक मारा था और उसके बाद से विभिन्न नेताओं पर जूता फेंकने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। जरनैल ने कहा कि उनका उद्देश्य जूता मारना नहीं था, बल्कि सिखों के खिलाफ हो रही नाइंसाफी के खिलाफ अपना विरोध जताना चाहा था।
दैनिक जागरण के पैंतीस वर्षीय पत्रकार जरनैल सिंह कांग्रेस मुख्यालय की इस प्रेस कांफ्रेंस में सबसे अगली पंक्ति में बैठे हुए थे और भारत को आतंकवाद से संरक्षित करने के बारे में कांग्रेस पार्टी का संकल्प पत्र जारी किए जाने के मौके पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में शुरुआत से ही सवाल पूछने के लिए आमादा थे। चिदंबरम ने जब उन्हें सवाल पूछने की अनुमति दी तो पत्रकार ने टाइटलर को सीबीआई द्वारा क्लीन चिट देने के खिलाफ आक्रामक तेवर में बोलना शुरू कर दिया। इस पर चिदंबरम समझाने की मुद्रा में कहने लगे कि यह मंच राजनीतिक बयानबाजी का नहीं है, आप सवाल पूछ सकते हैं।जरनैल सिंह ने गृहमंत्री से पूछा कि सीबीआई उनके तहत आती है और ऐन चुनाव के मौके पर टाइटलर को क्लीन चिट देने की यह साजिश क्या है इस पर चिदंबरम ने अपने चिर परिचित विनम्र अंदाज में कहा कि सीबीआई पर किसी ने दबाव नहीं डाला और अभी उसने मामले की रिपोर्ट कोर्ट को दी है। इस पर कोर्ट को निर्णय लेना है कि रिपोर्ट स्वीकार की जाए या नहीं, लेकिन जब जरनैल ने जवाब पर असंतोष जताया तो गृहमंत्री ने कहा कि वह यहां बहस नहीं करना चाहते।
इस पर जनरैल ने कहा कि सिखों को 25 साल से इंसाफ नहीं मिल रहा है और उन्होंने आई प्रोटेस्ट कहते हुए अपना जूता निकालकर चिदंबरम की ओर फेंका जो उनके दाहिनी ओर से निकल गया। चिदंबरम पत्रकारों को शांत रहने के लिए समझाते रहे और पंद्रह मिनट तक सम्मेलन चलता रहा, लेकिन किसी की दिलचस्पी फिर सवाल जवाबों में नहीं बची।
जूता फेंकने की इस घटना से संवाददाता सम्मेलन में खलबली मच गई, लेकिन चिदंबरम ने कहा कि एक पत्रकार के भावुक होने पर संयम बरता जाए और उन्होंने इस पत्रकार को शांतिपूर्वक बाहर ले जाने को कहा। दो तीन कांग्रेसी कार्यकर्ता उन्हें बाहर लाए और 24 अकबर रोड के बाहर मौजूदा पुलिस ने जरनैल सिंह को हिरासत में ले लिया। चिदंबरम द्वारा इस मामले में कोई कार्रवाई न करने की बात कहने के बाद पुलिस ने पूछताछ के बाद जरनैल सिंह को छोड़ दिया।
[साभार: एजेंसियां]